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ऑडिट ऑनलाइन का एटीआर मॉड्यूल अनुवर्ती अनुदान जारी करने के लिए 15वें वित्त आयोग के मानदंडों को पूरा करने के उद्देश्य से सभी पंचायत खातों के समग्र लेखा परीक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री श्री कपिल मोरेश्वर पाटिल की गरिमामयी उपस्थिति में आज पंचायती राज मंत्रालय (एमओपीआर) द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में ऑडिट ऑनलाइन की एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) मॉड्यूल का शुभारंभ किया गया। पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री सुनील कुमार, पंचायती राज मंत्रालय में अपर सचिव डॉ. चंद्र शेखर कुमार, पंचायती राज मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री आलोक प्रेम नागर, पंचायती राज मंत्रालय में ही संयुक्त सचिव श्री विकास आनंद और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उद्घाटन अवसर पर राज्य पंचायती राज विभागों के वरिष्ठ कर्मी और स्थानीय निधि लेखा परीक्षा निदेशालय के प्रतिनिधियों ने वर्चुअल मोड में इस आयोजन में हिस्सा लिया। ऑडिट ऑनलाइन के एटीआर मॉड्यूल के वर्चुअल शुभारंभ के मौके पर विभिन्न राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पंचायत पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

पंचायती राज मंत्रालय ने पंचायत लेखा परीक्षण में अधिक पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 15 अप्रैल 2020 को ऑडिट ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रारंभ किया था, जो पंचायत खातों के ऑनलाइन ऑडिट को सक्षम बनाता है और वित्तीय प्रबंधन एवं पारदर्शिता को अधिक सशक्त करता है।

15वें वित्त आयोग के परिचालन संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 की शुरुआत से ही राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 100 प्रतिशत ग्रामीण स्थानीय निकायों का गठन करने वाली सभी स्तरों की पंचायतों के पास 2021-22 की अवधि के लिए उनके खाते लेखा परीक्षण पूरा कर चुके हों। मंत्रालय ने लेखा परीक्षण के माध्यम से जवाबदेही हासिल करने के उद्देश्य से आज लॉन्च किये गए एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) मॉड्यूल की शुरुआत करते हुए ऑनलाइन ऑडिट प्रक्रिया को बढ़ाने का प्रयास किया है। इस मॉड्यूल का लक्ष्य ऑडिट प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित दृष्टिकोण प्रदान करना है, जिससे लेखा परीक्षण निष्कर्षों के जवाब में की गई कार्रवाइयों पर स्पष्टता सुनिश्चित हो सके।

केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री श्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने इस तथ्य पर बल दिया कि मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किया गया, एटीआर मॉड्यूल जमीनी स्तर पर डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से आगामी अनुदानों के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग के मानदंडों को पूरा करने के लक्ष्य के साथ सभी पंचायत खातों के लेखा परीक्षण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री ने कहा कि लेखा जांच की समयसीमा को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए जिला स्तरीय वित्तीय सलाहकारों (डीएलएफए) और ऑडिट विभागों को बेहतर बनाना महत्वपूर्ण है। श्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने इस बात पर भी जोर दिया कि किस तरह से ऑडिट ऑनलाइन का एटीआर मॉड्यूल पंचायतों को अधिक जवाबदेह, कुशल, सशक्त एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में सक्षम बनाएगा, जिससे देश भर में ग्राम पंचायत स्तर के लिए धन का निर्बाध प्रबंधन और बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

कार्यक्रम के दौरान, पंचायती राज मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री आलोक प्रेम नागर ने ऑडिट ऑनलाइन के एटीआर मॉड्यूल पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति दी, जिसमें शामिल किये गए विभिन्न चरणों की रूपरेखा दी गई। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र-पंचायती राज मंत्रालय द्वारा एटीआर मॉड्यूल की एक प्रदर्शनी का भी आयोजित किया गया था। पंचायती राज मंत्रालय के उप सचिव श्री विजय कुमार ने देश भर के सभी प्रतिभागियों और ऑडिट ऑनलाइन के एटीआर मॉड्यूल को विकसित करने में शामिल सभी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव रखा।