3 बजे की तमाम बड़ी खबरें

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1. दीप सिद्धू व अन्य पर गणतंत्र दिवस हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने घोषित किया ₹1 लाख इनाम

दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली में हिंसा को लेकर अभिनेता दीप सिद्धू व गुरजोत सिंह, जुगराज सिंह और गुरजंत सिंह नामक प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के लिए जानकारी देने वाले लोगों के लिए ₹1-₹1 लाख इनाम घोषित किया है। पुलिस ने जजबीर सिंह, बूटा सिंह, सुखदेव सिंह और इकबाल सिंह नामक प्रदर्शनकारियों पर ₹50,000-₹50,000 इनाम घोषित किया है।

2. विदेशी हस्तियों की किसान आंदोलन पर टिप्पणी के बाद भारत सरकार ने जारी किया बयान

दीप सिद्धू

किसान आंदोलन पर गायिका रिहाना, पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग समेत कई विदेशी हस्तियों की टिप्पणी के बाद विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है। मंत्रालय ने कहा, “हम अपील करते हैं कि ऐसे मामलों पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों को जांच लें। लोगों खासकर हस्तियों द्वारा सनसनीखेज सोशल मीडिया हैशटैग्स का इस्तेमाल कर टिप्पणी करना अनुचित और गैर-ज़िम्मेदाराना है।”

3. किसान आंदोलन का समर्थन करने पर कंगना ने ग्रेटा को कहा ‘बिगड़ैल’, रिहाना को भी दिया जवाब

दीप सिद्धू

स्वीडिश पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और गायिका रिहाना द्वारा किसान आंदोलन का समर्थन करने पर कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी। ग्रेटा को “बिगड़ैल लड़की” बताते हुए उन्होंने कहा, “लेफ्ट विंग उनका इस्तेमाल कर रहा है जिसके बदले वह…पढ़ाई से बच पाती हैं।” रिहाना के ट्वीट पर उन्होंने कहा, “इस पर चर्चा नहीं हो रही क्योंकि वे किसान नहीं, आतंकवादी हैं।”

4. इतने सारे तानाशाहों के नाम ‘एम’ से क्यों शुरू होते हैं?: 7 नाम शेयर करते हुए राहुल

दीप सिद्धू

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया है, “इतने सारे तानाशाहों के नाम ‘एम’ से क्यों शुरू होते हैं। मार्कोस (फिलीपीन्स), मुसोलिनी (इटली), मिलोसेविक (सर्बिया), मुबारक (मिस्र), मोबुतू (कॉन्गो), मुशर्रफ (पाकिस्तान) और मिकोमबेरो (बुरुंडी)।” इससे पहले, ट्विटर अकाउंट्स पर रोक संबंधी खबर पर मंगलवार को उन्होंने कहा था, “शासन चलाने की मोदी शैली- उन्हें चुप कराओ, अलग करो, कुचल डालो।”

5. बिहार के किम जोंग-उन का फरमान: विरोध प्रदर्शन से संबंधित पुलिस के सर्कुलर पर तेजस्वी

विरोध प्रदर्शन से संबंधित बिहार पुलिस के सर्कुलर पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा है, “बिहार के किम जोंग-उन का फरमान।” सर्कुलर के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम इत्यादि मामलों में किसी आपराधिक कृत्य में शामिल होता है और पुलिस उसके खिलाफ आरोप पत्र दायर करती है तो उसे सरकारी नौकरी या ठेके नहीं मिलेंगे।