कोरोना के बाद अब बर्ड फ़्लू का खतरा- जाने क्या है बर्ड फ़्लू

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बर्ड फ़्लू

बर्ड फ़्लू के नाम से पहचाने जाने वाली यह बीमारी एवियन इनफ्लुएंजा वायरस H5N1 के कारण होती है। जिसकी चपेट में आकर पक्षी तो दम तोड़ ही देते हैं। उसी के साथ यह है इंसानों के लिए भी बेहद खतरनाक है।

कोरोना महामारी के बीच अब बर्ड फ्लू की तांडव मचा रहा है। राजस्थान,मध्य प्रदेश में दस्तक के बाद झारखंड, हिमाचल प्रदेश मैं इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बर्ड फ्लू के नाम से पहचाने जाने वाली है बीमारी एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस H5N1 के कारण होती है। चपेट में आकर पक्षी तो दम तोड़ ही रहे हैं लेकिन उसी के साथ यह है इंसानों के लिए भी बहुत ही खतरनाक है। इसी के साथ आपको बता दें कि इस बर्ड फ्लू से जान जाने का भी खतरा है। बर्ड फ्लू के कहर को देखते हुए केंद्र के साथ कई राज्य सरकारों ने भी अलर्ट जारी कर दिया है।

क्या होता है बर्ड फ़्लू?

बर्ड फ्लू पर बात करते हुए डॉ. बंसोड़ ने बताया कि एवियन इनफ्लुएंजा, एक वायरस से उत्पन्न संक्रामक बीमारी है, जो कि पालतू और जंगली पक्षियों की कई प्रजातियों को प्रभावित करती है। इसी के साथ आपको बता दें कि सामान्य रूप से यह संक्रमण पक्षियों में पाया जाता है, लेकिन कभी-कभी यह इंसानों के साथ अन्य कई स्तनधारियों को भी इनफेक्टेड कर सकता है। जब यह इंसानों को संक्रमित करता है तो इसे इन्फ्लूएंजा कहा जाता है।

कहां पर कितने मामले हैं?

आपको बता दें कि राजस्थान की राजधानी जयपुर में बर्ड फ्लू की दस्तक से अधिकारियों के भी हाथ पांव फूल गए हैं।अब तक कोटा में 47, झालावाड़ में 100, बारां में 72,पाली में 19 और जयपुर के जल महल पर 10 कौवे सहित प्रदेश भर में 245 कौओं की मौत हो चुकी है। कौओं की मौत से हरकत में आया पशुपालन विभाग और कोटा संभाग टीम की जांच करने झालावाड़ पहुंची। जांच टीम ने मौके पर पहुंच कर पूरे इलाके को सेनीटाइज भी करवाया है। इसी के साथ सभी मृत कौओं को प्रोटोकॉल के मुताबिक गड्ढे खुद का जलवाया भी गया जिससे इलाके में संक्रमण का खतरा नहीं हो।

इसी के साथ आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध पोंग डैम सेंक्चुरी में 1700 प्रवासी पक्षियों की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। इसी के साथ अधिकारियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। ज्यादातर पक्षियों की मौत जगमोली, गुगलाडा में हुई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न इलाकों के 15 सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं और इसी के साथ कुछ दिनों में बैक्टीरियल, पैथोजेन और वायरल रिपोर्ट मिल जाएंगी। तब तक हम बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं कर सकते हैं। मगर आशंका है कि यह बर्ड फ्लू है क्योंकि पक्षी काफी अधिक तादाद में मर रहे हैं।

इसी के साथ मध्यप्रदेश के इंदौर में करीब 50 कौओं के बर्ड फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इंदौर में 3 दिन पहले ही 50 कौओं के शव मिले थे। इनको बर्ड फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है और इसे लेकर संबंधित निकाय अलर्ट पर हैं।

झारखंड में भी अलर्ट जारी

बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए झारखंड सरकार भी अलर्ट पर हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्य में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद राज्य सरकार भी अलर्ट हो गई है। झारखंड सरकार ने भी सभी जिलों में पक्षियों की गैर प्राकृतिक मौत की जानकारी पशुपालन विभाग को देने और विसरा का सैंपल लैब भेजने को कहा है।

इसी के साथ रांची के विसरा एग्रीकल्चर कॉलेज के डॉक्टर सुशील प्रसाद ने कहा कि अब तक झारखंड में बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं पाया गया है मगर पड़ोसी बंगाल से आने वाले पक्षी मुसीबत बढ़ा सकते हैं।

इसी के साथ उन्होंने कहा, अगर किसी भी मुर्गी पालक के यहां 10 से अधिक मुर्गी मरती है तो तुरंत वेटरनरी के डॉक्टर से संपर्क करें और उसकी जांच भी करवाएं। वायरस बांग्लादेश से होते हुए भारत में प्रवेश करता है इसी के साथ बंगाल के जैसे राज्यों से मुर्गियों के आयात के कारण बर्ड फ़्लू की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में चिकन खाने से लोगों को परहेज नहीं करनी चाहिए लेकिन हां सावधानी जरूर बरतनी चाहिए।

बर्ड फ्लू के लक्षण और इंसानों के लिए कैसे है खतरनाक

आपको बता दें कि बर्ड फ़्लू के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं जैसे सांस लेने की समस्या आना, उल्टी होना, बुखार,नाक बहना, मांसपेशियों, पेट के निचले हिस्से और सिर दर्द होना। यह बीमारी इंसानों में मुर्गियों और संक्रमित पक्षियों के बेहद पास रहने से होती है।

इसी के साथ आपको बता दें कि यह वायरस इंसानों में आंख, नाक, और मुंह के जरिए प्रवेश करता है। एवियन इनफ्लुएंजा वायरस काफी खतरनाक माना जाता है और यह इंसानों की जान तक ले सकता है। इसलिए डॉक्टर सलाह में कहते हैं कि अगर बर्ड फ्लू का संक्रमण इलाके में फैला है तो नॉनवेज खरीदते वक्त साफ सफाई रखें और संक्रमित एरिया में मास्क लगाकर ही जाएं।

Kanchan Goyal

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