भारतीय वायु सेना को मिली बड़ी सफलता, सुखोई से ब्रह्मोस के नए वर्जन का किया सफल परीक्षण; जाने क्या है इसके फायदे

भारतीय वायुसेना द्वारा नई ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह ब्रह्मोस मिसाइल एक एक्सटेंडेड एयर वर्जन मिसाइल है जो कि हवा से सटीक निशाना लगाने में सक्षम है। वायुसेना द्वारा बंगाल की खाड़ी में इस मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। इस मिसाइल को सुखोई- 30 एमकेआई से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। परिक्षण में मिसाइल ने बिल्कुल सटीक निशाना लगाया। वायुसेना को इस सफलता के साथ ही अब प्रेसिसन स्ट्राइक करने की ताकत हासिल हो गई है।

अब भारतीय वायुसेना जमीन और समुद्र दोनों में लॉन्ग रेंज ऑपरेशन करने में सक्षम है। यह मिसाइल आवाज की गति से लगभग तीन गुना तेजी से चलती है। पहले इसकी रेंज 290 किमी हुआ करती थी, मगर अब एक्सटेंडेड वर्जन ब्रह्मोस मिसाइल की रेंज 350 किलोमीटर की हो गई है।

जानकारी के लिए बता दें कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस भारत और रूस का एक जॉइंट वेंचर है। इसके तहत सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का निर्माण किया जाता है। इन मिसाइलों को सबमरीन, शिप, एयरक्राफ्ट या फिर जमीन से लॉन्च की जा सकती हैं। ब्रह्मोस के एंटी शिप वर्जन सुपरसोनिक मिसाइल का पिछले ही महीने सफल परीक्षण किया गया था। भारतीय नौसेना ने इस परिक्षण के बारे में बताया था कि अंडमान निकोबार कमांड में इसका परीक्षण किया गया।

इसके अलावा वायुसेना ने भी 19 अप्रैल को ईस्टर्न सीबोर्ड में ब्रह्मोस का सुखोई से ही सफल परीक्षण किया था। इसके अलावा मार्च में भी एक मिसाइल का परीक्षण किया गया जो कि हिंद महासागर में तैनात की जाएगी।

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