वैज्ञानिक : कोरोना का नया वैरिएंट समूचे विश्व को मौत के कटघरे में तब्दील कर सकता है

0
302
कोविशील्ड

वैज्ञानिको ने कोरोना के नए वैरिएंट पर चिंता जताई है। बता दें कि जहा धीरे-धीरे हालातों में सुधार आ रहा है, वही धीरे-धीरे कोरोना के नए स्ट्रेन ने लोगो की चिंता बढ़ा दी हैं। जिनमें से सबसे ज्यादा खतरनाक ब्रिटेन के कैंट क्षेत्र में फैले कोरोना का नया स्ट्रेन हैं।

वैज्ञानिकों का दावा हैं कि यह नया स्ट्रेन जल्द ही पूरी दुनिया को मौत के कटघरे में तब्दील कर देगा। साथ ही इस स्ट्रेन से बाहर निकलने में एक दशक का भी समय लग सकता है।

UK के जेनेटिक सर्विलांस प्रोग्राम के प्रमुख का कहना है कि “दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में पाया गया कोरोना वायरस का नया वेरिएंट जल्द पूरी दुनिया में फैल सकता है। वैज्ञानिको ने स्ट्रेन के म्युटेशन पर चिंता जाहिर की हैं। इस खतरनाक स्ट्रेन के कारण ब्रिटेन में जल्द ही ही लॉकडाउन लग सकता हैं। बता दें कि इससे पहले भी ब्रिटेन में कोरोना के नए स्ट्रेन मिले हैं।

वहीं यूके का नया स्ट्रेन अब तक 50 देशो में पहुँच गया है। बताया जा रहा है, यह स्ट्रेन अन्य स्ट्रेन की तुलना में 70 फीसदी ज्यादा खतरनाक हैं और 30 फीसदी ज्यादा घातक है।

COVID-19 जीनोमिक्स यूके कंसोर्टियम के डायरेक्टर शेरोन पीकॉक ने  बीबीसी को बताया, ‘UK से बाहर निकलने के बाद केंट वेरिएंट संभावित रूप से पूरी दुनिया को चपेट में लेगा। ‘

शेरोन ने चेतावनी देते हुए कहा कि “हालांकि कोविड-19 वैक्सीन UK में कोरोना के कई वेरिएंट पर प्रभावी साबित हुए हैं लेकिन नया म्यूटेशन वैक्सीन के असर को कम कर सकता हैं। ”

शेरोन ने कहा, ‘यूके में फैला कोरोना का 1.1.7 वेरिएंट एक बार फिर म्यूटेट हो गया है और ये नया म्यूटेशन E484K इम्यूनिटी और वैक्सीन की क्षमता पर भी असर डाल सकता है। ये वायरस पांच अलग-अलग समय पर पांच से भी ज्यादा बार म्यूटेट हो चुका है और ये होता रहेगा। आने वाले 10 सालों तक हमें इस वायरस से लड़ाई जारी रखनी होगी। ‘

यह भी पढ़े : कहाँ तक पहुंचा राम मंदिर निर्माण का कार्य, इतने रुपए हुए अब तक इक्कठे