ये न्यूज़ एक्सप्रेस का वीकली स्पेशल आर्टिकल है। इस आर्टिकल में हम हर हफ्ते आपको देश – दुनियां की तमाम बड़ी ख़बरों से एक साथ रूबरू कराएंगे। हर रविवार को इसे आप आपके अपने न्यूज़ वेबसाइट न्यूज़ एक्सप्रेस पर पढ़ सकते हैं। यह पहला भाग है, आपके मोहब्बत से यह सिलसिला जारी रहेगा।

किसान आंदोलन

सिर्फ इस हफ्ते नहीं पिछले दो हफ़्तों से यह देश की सबसे बड़ी खबर रही। तमाम बड़ी अख़बारों और न्यूज़ चैनलों ने इसे ज़ोरदार तरीके से कवर किया। इस आंदोलन का अपना एक ऐतिहासिक मायना है। कई जानकारों की माने तो यह देश का आज़ादी के बाद का सबसे संगठित आंदोलन है।

क्या हुआ है अब – तक?

केंद्र ने कृषि क्षेत्र में बदलाव के लिए नया कानून पास किया। उसके विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसान लम्बे समय से आंदोलन कर रहे थे, लेकिन उनके आंदोलन को देश की किसी भी बड़ी मीडिया ने कवर नहीं किया। उसके बाद किसानों ने इस आंदोलन का रुख दिल्ली की तरफ मोड़ दिया। दिल्ली के बॉर्डर पर पिछले 15 दिनों से किसान जमे हुए हैं। किसानों की मांग है कि केंद्र इस कानून को वापस ले। वे इस आंदोलन को तभी खत्म करेंगे। केंद्र और किसानों के बीच में कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक उसका नतीजा नहीं निकल पाया है।

आगे क्या?

कल किसानों ने टोल को मुफ्त कराया था, ताकि पंजाब से आने वाले किसानों के नए जत्थे के वाहनों को पास कराया जा सके। मालूम हो कि किसानों के नए जत्थे में लगभग 30000 किसान हैं। ये किसान 1200 ट्रेक्टर सहित 1500 वाहनों के जरिए दिल्ली आ रहें हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि ये आंदोलन और तेज होने वाला है। अगले कुछ दिन दिल्ली एनसीआर के लोगों के लिए भारी रहने वाला है। अब किसानों के तरफ से बोला गया है, वे कल यानि 14 दिसंबर को पुरे देश में विरोध करेंगे। इस दौरान दिल्ली बॉर्डर पर जमे हुए उपवास पर रहेंगे।

बंगाल में भाजपा बनाम ममता

इस हफ्ते जेपी नड्डा बंगाल के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने कई जनसभाएं सम्बोधित की और एक तरह से बंगाल चुनाव के लिए भाजपा के अभियान की शुरुआत की। इस दौरे पर राजनीति तब गरमाई जब जेपी नड्डा के काफिले पर टीएमसी के लोगों के द्वारा हमला किया गया। इस हमले में पत्थरबाजी भी हुई जिसमे कैलाश विजयवर्गीय सहित भाजपा के कई नेताओं को चोटें आई। भाजपा ने इसके बाद ममता सरकार, बंगाल प्रशासन और कानून व्यवस्था पर जमकर सवाल उठाए।

कंगना बनाम दिलजीत

कंगना और दिलजीत दोनों की ही फिल्म इंडस्ट्री में एक खास पहचान है। लेकिन इस हफ्ते इन दोनों ने ट्विटर पर जमकर एक दूसरे पर निशाना साधा। किसान आंदोलन से शुरुआत होकर इस ट्विटर वार में गाली – गलौज तक हुई। अभी भी ये लड़ाई खत्म नहीं हुई है। दोनों के बीच कि तकरार जारी है।

रोहित फिट – इंडिया सुपर हिट

भारत के क्रिकेट प्रेमियों के लिए सबसे अच्छी खबर तब आई, जब भारत के धाकड़ बल्लेबाज रोहित शर्मा ने फिटनेस टेस्ट पास कर ली। अब वे ऑस्ट्रेलिया के साथ होने वाले टेस्ट सीरीज़ के लिए उपलब्ध रहेंगे। टेस्ट सीरीज़ से पहले चल रही प्रैक्टिस मैच में जिस तरह से भारत के बल्लेबाजों ने बैटिंग की है,इसने ऑस्ट्रेलिया की टेंशन जरूर बढ़ा दी है।

“टू मच ऑफ़ डेमोक्रेसी”

नीति आयोग के चेयरमैन अमिताभ कांत ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान भारत के स्लो इकोनॉमिक रेट का जिम्मेदार यहाँ कि डेमोक्रेसी को माना। उन्होंने कहा कि भारत में डेमोक्रेसी कुछ अधिक ही है और ये दिक्कत की बात है। उनके इस बयान की चर्चा पुरे देश में हुई। देश के तमाम बड़े पत्रकारों ने भी उनके इस बयान की घोर निंदा की।

गहलोत की मुश्किलें

गहलोत सरकार जबसे चुनकर आई है, कुर्सी पर बने रह पाना उनके लिए आसान नहीं रहा है। इस साल की शुरुआत में उनके साथी सचिन पायलट नाराज़ होकर कई विधायकों के साथ चले गए थे। जिसके बाद ऐसा लग रहा था कि गहलोत सरकार गिर जाएगी, लेकिन किसी तरीके से सचिन को मना लिया गया और सरकार बच गई। अभी पंचायत चुनावों में कांग्रेस कि हार और उसके बाद दो BTP विधायकों का गहलोत सरकार से समर्थन वापस लेना,अशोक गहलोत की टेंशन को बढ़ा सकता है। हालाँकि फिलहाल अशोक गहलोत की सरकार सुरक्षित है।

ये थी इस हफ्ते की वो खबरे जिसकी चर्चा पुरे हफ्ते रही। अगले हफ्ते हम फिर आएँगे इसी तरह सब ख़बरों का समावेश आपके सामने पेश करने। हमारी टीम को आपके प्यार की जरूरत है इसे शेयर कीजिए। आप हमारे लिए ईंधन का काम करोगे। आपका प्यार इस छोटी सी टीम को हौसला देगा .

4 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here