लद्दाख के उपराज्यपाल आर.के. माथुर ने केन्द्रीय मंत्री डॉ.जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की और केन्द्र – शासित प्रदेशके सिविल सेवा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की

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आर. के. माथुर

लद्दाख के उपराज्यपाल आर. के. माथुर ने पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्रीडॉ.जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की और केन्द्र – शासित प्रदेश के सिविल सेवा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।

उपराज्यपालने केन्द्र- शासित प्रदेश सरकार की और अधिक अधिकारियों की जरूरत पर ध्यान देने के लिए केन्द्रीय मंत्री का धन्यवाद किया और कहा कि उनके हस्तक्षेप से इस दिशा में एक रास्ता निकालने की कोशिशहुई है। उन्होंने केन्द्र प्रायोजित नई परियोजनाओं और योजनाओं को शुरू करने के मद्देनजर लद्दाख में अधिक से अधिक एजीएमयूटी कैडर के अधिकारियों को तैनात करने का अनुरोध किया।

माथुर ने नवगठितकेन्द्र- शासित प्रदेश लद्दाख के लिए नियम और कानून बनाने में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की मदद मांगी। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को यह भी बताया कि लद्दाख क्षेत्र में सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या में उत्तरोत्तर बढ़ोतरी हो रही है।

डॉ.जितेन्द्र सिंह ने माथुर को सूचित किया कि सिविल सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों (प्रोबेशनर्स) के नवीनतम बैच में, लद्दाख की रहने वाली एक महिला अधिकारी को एजीएमयूटी कैडर आवंटित किया गया है और वह संभवतः अपने गृह प्रदेश में सेवा दे सकेंगी। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख के केन्द्र- शासित प्रदेशों में प्रतिनियुक्ति के लिए लिखित प्रस्ताव देने वाले सभी आईएएस अधिकारियों के लिए न्यूनतम नौ वर्ष की सेवा की अनिवार्य अवधि को समाप्त करके उन्हें छूट देने के केन्द्र सरकार के फैसले के बारे में भी जानकारी दी।

उपराज्यपाल माथुर ने “लेह बेरी” खाद्य उत्पादों के लिए एक परियोजना शुरू कराने में हस्तक्षेप करने के लिए डॉ.जितेन्द्रसिंह का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि माननीय केन्द्रीयमंत्री के हस्तक्षेप के बाद, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) नियमित रूप से केन्द्र- शासित प्रदेश सरकार के संपर्क में रहा है और इस संबंध में सीएसआईआर के महानिदेशकडॉ. शेखर मंडे के साथ उनकी कई दौर की बातचीत हुई है।

डॉ.जितेन्द्रसिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लद्दाख के नवोदितकेन्द्र – शासित प्रदेश को उच्च प्राथमिकता दी है, जिसकी वजह से नए विश्वविद्यालय, व्यावसायिक कॉलेजों और अन्य संस्थानों को मंजूरी मिली है। उन्होंने कहा किज़ोजिला दर्रा के खुल जानेसे स्थानीय आबादी को एक बहुत बड़ी राहत मिली है।

उपराज्यपाल नेहर छोटे या बड़े मुद्दे परकेन्द्र – शासित प्रदेश को केन्द्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से लगातार मिलने वाले समर्थन के लिए भी केन्द्रीय मंत्री से आभार जताया।