कहीं आप तो नहीं करते फोन का ज्यादा इस्तेमाल ? हो जाइए सतर्क

आजकल मोबाइल फोन का हर किसी के हाथ में होना आम बात है। या यू कहें की आज लोग बिना मोबाइल का जीवन जीने के बारे में सोच भी नहीं सकते। आजकल मोबाइल से हम अपना लगभग 70 % काम कर लेते हैं। कोरोना के बाद लोगों ने और भी ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। आज कल मोबाइल हमारा मिनी दुनिया बन गया है। जहां हम पढ़ाई, शॉपिंग, जॉब, सिनेमा, लोगों से बात, देश दुनिया की जानकरी रखने के साथ – साथ और भी तमाम कार्य कर सकते हैं। लेकिन क्या आपको पता है मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल आपके जीवन के लिए घातक साबित हो सकता है।

वैज्ञानिक शोध निष्कर्षों में पाया गया है कि मोबाइल से जो रेडिएशन निकलता है वह बहुत हानिकारक होता है, जिससे पाचन शक्ति कमजोर और नींद कम आने की बीमारी हो सकती है।

यूनिवर्सिटी ऑफ केलिफोर्निया के एक शोध के अनुसार मोबाइल को वाइब्रेशन मोड पर ज्यादा देर तक इस्तेमाल करने से कैंसर का ख़तरा बढ़ सकता है। इसलिए मोबाइल को साइलेंट या फिर वाइब्रेशन में करके तकिए के नीचे रखकर नहीं सोना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि मोबाइल से जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन निकलती है, वह दिमाग की कोशिकाओं को वृद्धि करने में प्रभावित करती है जिससे ट्यूमर विकसित हो सकता है। युवाओं के सर को 25%,10 से 5 साल तक के बच्चों के सर को 50% और 5 साल के कम उम्र के बच्चों को 75% तक प्रभावित करता है।
क्या आप जानते है कि मोबाइल शरीर से पानी सोख लेता है। है ना हैरान करने वाली बात। मोबाइल को लंबे समय तक इस्तेमाल करने से जो तरंगे निकलती है वह पानी सोख लेती है। जवाहरलाल नेहरु कॉलेज के प्रो. जितेंद्र बिहारी का कहना है कि मानव शरीर में तकरीबन 70% पानी होता है और जब यह रेडिएशन के प्रभाव में होता है तो इसका अवशोषण करता है।

ऐसे में लगातार बहुत देर तक मोबाइल का प्रयोग आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इससे बचने के लिए आपको मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग से बचना चाहिए और लोगों को भी कम मोबाइल इस्तेमाल करने की सलाह देनी चाहिए।

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