पिछले 75 वर्षों के दौरान, भारत ने जबरदस्त प्रगति की है जिसने लोकतांत्रिक सशक्तीकरण के नए अध्याय खोले हैं: श्री ओम बिड़ला

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ओम बिड़ला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज नई दिल्ली के किला राय पिथौरा में आजादी के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में 75 सप्ताह तक चलने वाले आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, युवा मामलों और खेल मंत्रालय के राज्य मंत्री किरेन रिजिजू, वित्त मंत्रालय के राज्य मंत्री, अनुराग सिंह ठाकुर, जनजातीय मामलों की मंत्री रेणुका सिंह सरुता और संसद सदस्य मीनाक्षी लेखी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, युवा मामलों के मंत्रालय के साथ संस्कृति मंत्रालय ने भी किला राय पिथौरा में दास्तानगोई (कहानी सुनाना) और कथक प्रदर्शन का आयोजन किया। यह कार्यक्रम 15 अगस्त 2022 से ठीक 75 सप्ताह पहले शुरू होने वाले समारोह में से एक है। इससे पहले सुबह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से गुजरात के नवसारी जिले के दांडी तक 241 मील के मार्च को हरी झंडी दिखाकर ”आजादी का अमृत महोत्सव” समारोह का उद्घाटन किया।

महाराजा पृथ्वीराज चौहान को याद करते हुए, लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि राय पिथौरा किला दुश्मनों के खिलाफ भारत के संघर्ष के बड़े केंद्र में से एक था। इसलिए, यह भारत की आजादी के 75वें वर्ष पर “आजादी का अमृत महोत्सव” के आयोजन के लिए सबसे अच्छी जगह है। भारत की लोकतांत्रिक विरासत पर बोलते हुए, बिड़ला ने कहा कि हालांकि, हम अपनी स्वतंत्रता का 75वां वर्ष विदेशी शासकों से मुक्ति को लेकर माना रहे हैं लेकिन भारत के पास हजारों वर्षों की समृद्ध लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक विरासत है। इस संबंध में, बिड़ला ने उन स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि असाधारण विविधताओं के बावजूद, भारत ने हमेशा सत्ता के सुचारू हस्तांतरण को देखा है जो लोकतंत्र में हमारी गहरी आस्था का प्रतीक है।

पिछले 75 वर्षों के दौरान भारत के विकास के बारे में बाताते हुए, ओम बिरला ने कहा कि भारत ने बहुत तेजी से प्रगति की है और इसने लोकतांत्रिक सशक्तीकरण के नए अध्याय खोले हैं। भारत ने उन्हें गलत साबित किया है जिन्होंने आजादी के समय हमारे लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर शक किया था। बिरला ने जोर देकर कहा कि हमने अपनी प्रतिबद्धता, समर्पण, कड़ी मेहनत और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से चुनौतियों को पार किया और अपने लोकतंत्र को सफल बनाया है।

बिरला ने कहा कि पिछले 75 वर्षों के दौरान, भारत में सत्रह आम चुनाव हुए हैं और चार सौ से अधिक विधानसभा चुनाव हुए हैं। इस अवधि के दौरान, कई दलों ने सरकारें बनाई और सत्ता से बेदखल भी हुए लेकिन जमीनी स्तर पर हमारा लोकतंत्र मजबूत हुआ है। चुनाव प्रक्रियाओं में बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी ने हमारे लोकतंत्र को मजबूत किया है। इसके लिए उन्होंने भारत को एक अच्छा संविधान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नेताओं की सराहना की।

सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करते हुए, अध्यक्ष ने कहा कि अनेकता में एकता ही भारत की ताकत है। भाषाई, धार्मिक और क्षेत्रीय विविधताओं के बावजूद, हम अपनी ’भारतीयता’ को बनाए रखने में सफल रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने आगे कहा कि हमारा लक्ष्य “एक भारत श्रेष्ठ भारत” है। अध्यक्ष ने कहा, यह सभी का प्रयास होना चाहिए, विशेषकर युवाओं का, यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारा हर विचार और कार्य हमारे राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान करे।

कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हम अगले 75 हफ्तों के लिए अमृत महोत्सव मनाने जा रहे हैं । इस समारोह के दौरान देश के युवाओं को पता चलेगा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए कितना बड़ा बलिदान दिया था। तोमर ने यह भी कहा कि देश के युवाओं को इस महोत्सव के दौरान बहुत सी चीजें सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे श्रेष्ठ भारत बनाने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात के संबोधन को याद करते हुए, जिसमें उन्होंने सभी देशवासियों, विशेषकर युवा मित्रों से स्वतंत्रता सेनानियों, उनके संघर्षों और उनकी वीरता के बारे में लिखने की अपील की थी, शिक्षा मंत्री पोखरियाल ने फिर से सभी को उनका सम्मान करने और लिखने के लिए कहा। पोखरियाल ने आज के दिन को ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि 12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी जी ने देश के स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी थी। यह कहते हुए कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आजादी के 75 वर्षों के अमृत महोत्सव समारोह को चिन्हित करने के लिए अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से पदयात्रा को झंडी दिखाकर रवाना किया है। मंत्री ने कहा कि यह यात्रा प्रत्येक व्यक्ति और हर देशवासी की है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि अगले 100 वर्षों के लिए ‘हर काम देश के नाम ‘ का दृढ़ संकल्प लें और इसे हासिल करने के लिए मिशन मोड में काम करें।

युवा मामलों और खेल मंत्रालय के राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम अगले 75 हफ्तों में अमृत महोत्सव मनाएंगे और इस अवसर पर मैं सभी देशवासियों से देश के उन वीरों के बारे में जानने का अनुरोध करता हूं जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपनी जान दी। रिजिजू ने कहा कि इस अमृत महोत्सव के माध्यम से हम देश के असली नायकों का सम्मान करना चाहते हैं। रिजिजू ने आगे कहा कि आज के भारत और 10-15 साल पहले के भारत के बीच अंतर को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल के माध्यम से एकजुट किया है। रिजिजू ने आगे कहा कि देश के युवा एक नया भारत बनाएंगे।

वित्त मंत्रालय के राज्य मंत्री, अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत का गौरवशाली अतीत है और इसके अमृत महोत्सव के माध्यम से देश के युवाओं को गर्व महसूस करने का मौका मिलेगा। ठाकुर ने यह भी कहा कि यह अमृत महोत्सव हमारी इन 75 वर्षों की उपलब्धियों को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा और अगले 25 वर्षों के लिए आगे बढ़ने की रूपरेखा भी देगा। मंत्री ने आगे बताया कि 75 साल के जश्न के लिए 5 स्तंभ तय किए गए हैं। ये हैं स्वतंत्रता संग्राम, 75 पर विचार, 75 पर उपलब्धियां, 75 पर कार्य और 75 पर संकल्प।

जनजातीय मामलों की मंत्री रेणुका सिंह सरुता ने कहा कि इस अमृत महोत्सव के तहत अगले 75 हफ्तों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो युवाओं को प्रेरित करेंगे।

इसके साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 15 अन्य स्थलों की पहचान की है- ग्वालियर में ग्वालियर का किला, दिल्ली में हुमायूं का मकबरा, आगरा में फतेहपुर सीकरी, हैदराबाद में गोलकोंडा का किला, आइजोल में भुवनेश्वरी मंदिर, मुंबई में अगवान खान पैलेस बिल्डिंग, ओडिशा में कोणार्क सूर्य मंदिर, हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा का किला, लखनऊ में रेजिडेंसी बिल्डिंग, झांसी में झांसी का किला, पटना में राजेंद्र प्रसाद का पैतृक घर, कर्नाटक में चित्रदुर्ग का किला, वाराणसी में मान महल घाट, जयपुर में शंकरम, अमरावती और डेग पैलेस, जहां भारत की स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के समारोह शुरू होंगे।

आजादी का अमृत महोत्सव भारत की स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में भारत सरकार द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की एक श्रृंखला है। महोत्सव को जन-भगतिरी की भावना से जन-उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।