ममता बनर्जी बंगाल में वामदलों से हाथ मिलाने को तैयार मगर नही मिल रहा भाव

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देश भर में तो मौसम सर्दियों के शुरू हो गए है लेकिन फ़िलहाल पश्चिम बंगाल में चुनावों का मौसम आने वाला है. जिसकी सुगबुगाहट अभी से ही शुरू हो गई है.

वामदलों से समझौते (अलायंस) की सौग़ात तेजस्वी यादव तक पहुँचा रही है.

वहाँ की मुख्य पार्टियां अपने-अपने जुगाड़ में लग गई है. एक बीजेपी को छोड़ दें तो बाकी सारे दल गठबंधन के जुगाड़ में दर-ब-दर भटक रहे है। वहीं सूत्रों की माने तो सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस बंगाल में बीता भर ज़मीन बचाने कि लड़ाई लड़ रही वामदलों से समझौते (अलायंस) की सौग़ात तेजस्वी यादव तक पहुँचा रही है.

इसका सबसे बड़ा कारण है की वामदलों ने बीते बिहार विधानसभा चुनाव में संतोषजनक प्रदर्शन कर राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी है.

वहीं कांग्रेस के प्रदर्शन से साफ हो गया है कि डूबती नैया पर तृणमूल कांग्रेस सवार होना क़तई नही चाहेगी।

यह ममता की मायावी चाल भी हो सकती है

अकेले अपने दम पर सत्ता हथियाने वाली तृणमूल कांग्रेस आज बैकफूट पर दिख रही है। जबकि कभी मुख्य प्रतिद्वंदी रही वामदलों से गठबंधन की बाट जोह रही है.

वहीं वामदल इसे ममता दीदी की मायावी चाल समझ रहे हैं. ये बारात में शामिल होने का निमंत्रण तभी स्वीकार करेंगे जब दूल्हा इनके पसंद का होगा। वरना यह दिवाली धमाका ऑफ़र फूस करके रह जाएगी।

गौरतलब है कि बीतें लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार से ममता काफ़ी हताश दिख रही है.

उन्हें डर है कि आसमान में उड़ने वाली तृणमूल कांग्रेस कहीं बीजेपी के ऊँचे पहाड़ से टकराकर चकनाचूर न जाएँ.